मैने पुछा प्रभू से
मैने पुछा प्रभू से
मैने पुछा प्रभू से तू क्यू करता मुझसे इतना प्यार
उसने कहा पुरे दिल से, क्यूकी तू है मेरे हाथो की रचना
मैने पुछा प्रभू से.....
तेरी राहो पर चलते चलते, कही बार मेरे कदम भटक गये
फिर भी ना छोडा तुने हात मेरा, तू क्यू करता मुझसे इतना प्यार
मैने पुछा प्रभू से.....
कही बार तुमहें खुशी देनी चाही, गम के अलावा कुछ ना दिया
फिर भी ना छोडा तुने हात मेरा, तू क्यू करता मुझसे इतना प्यार
मैने पुछा प्रभू से.....
Comments
Post a Comment