सुबह सवेरें आंख खुली तो येशु था
सुबह सवेरें आंख खुली तो येशु था
सुबह सवेरें आंख खुली तो येशु था
मीठी नींद की गहराईयों में येशु था
मेरा येशु येशु....4
अब्राहम ने दसवां हिस्सा जिसको दिया
मल्किसीदक सा रमसा बादशाह येशु था
कोई भी उस पर पाप ना सबित कर पाया।
राह हक जिंदगी अव्ल आदि येशु था।
सुबह सवेरें..
मेरे खुदा ने कहा खुदा से दाहिने बैठे।
पाक याहोवा रूहे खुदा भी येशु था।
इब्ने आदम इब्ने खुदा भी याशु था।
मेरी आंखों में मेरी सांसों में भी येशु था।
सुबह सवेरें..
इब्राहिम, इसहाक, याकूब का जिंदा खुदा ,
मूसा की जलती झाडी में येशु था.
चलते, फिरते, बैठते, उठते येशु था,
तन्हाइयों में दु:खो में भी येशु था..
सुबह सवेरें..
उस की आखें आग के शोला की मानिंद
शद्रक, मीशक की भठ्ठी में येशु था
आग और रुह से बपतिस्मा जो देता था
एक सौ बीस पे रुह में उतरा येशु था..
सुबह सवेरें..
पाप सभी के जिसने उठायें सूली पर
मेरा आका मेरा मुनज्जी येशु था
मौत के साया की वादी में साथ हुं मैं
कहने वाला तुझको मुझको येशु था
सुबह सवेरें..
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