डरो मत चुप-चाप खड़े रहो
डरो मत चुप-चाप खड़े रहो
डरो मत चुप-चाप खड़े रहो,
ख़ुदा की नजात के काम देखो...2
ख़ुदा की नजात के काम देखो...2
चुप-चाप बस तुम खड़े रहो,
डरो मत चुप....
पूर्वी हवाए जब चलती है,
खुश्क जमीन हो जाती है...2
पानियों का ढेर लग जाता है,
ऊंची दीवार बन जाती है...
डरो मत चुप-चाप…
वो ही पानी जो डराता था,
और रस्ता भी न देता था...2
हुक्मे ख़ुदा से वो ही पानी,
बस मुर्दा हो बैठा था...2
डरो मत चुप-चाप…
खुदावन्द की सना मैं गाऊंगा,
जलाल से फतहमंद हुआ...2
खुदावन्द मेरा साहिबे जंग है,
खुदावन्द मेरा ज़ोर मेरा किला...2
डरो मत चुप-चाप…
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